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इस सूचना के आिार पर प्रिीर्ता प्राप्त अधिकारी एिं कायतसािक ज्ञान प्राप्त
अधिकाररयों की एक सूची तिा प्रिीर्ता प्राप्त कमतचाररयों एिं कायतसािक ज्ञान
प्राप्त कमतचाररयों की एक अन्य सूची बनाई जा सकती है। प्रतत ततमाही
प्रततिेदन बनाते समय इस सूची को अपडेट ककया जा सकता है स्जसमें नि
तनयुक्त कमतचारी से हहन्दी जानकारी संबंिी प्रपत्र भरिाकर, उस नि तनयुक्त
कमतचारी का नाम प्रिीर्ता प्राप्त कमतचाररयों या कायतसािक ज्ञान प्राप्त
कमतचाररयों की सूची में जोडा जा सकता है। साि ही, ककसी कमतचारी की
सेिातनिृत्त, थिानांतरर् या मृत्यु होने की स्थितत में उसका नाम सूची से
हटाकर सूची को अपडेट ककया जा सकता है।
(2) आशुमलवपक एिं टंककों की संख्या : यह पूछा जाता है कक क्या आशुमलवपक
ने हहन्दी में आशुमलवप का और टंककों ने हहन्दी में टंकर् करने का प्रमशक्षर्
मलया है। इस संबंि में संबंधित थटार् से जानकारी प्राप्त कर सूचना भरी जा
सकती है।
(4) हहन्दी में पत्राचार : राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्िारा
प्रत्येक िषत िावषतक कायतिम तैयार ककया जाता है। हहन्दी बोले एिं मलखे जाने
के प्रािान्य के आिार पर भारत के विमभन्न क्षेत्रों को ‘क’, ‘ख’ एिं ‘ग’ नामक
तीन क्षेत्रों में बांटा गया है। “क्षेत्र ‘क‘ से त्रबहार, हररयार्ा, हहमाचल प्रदेश, मध्य
प्रदेश, छत्तीसगढ, झारखंड, उत्तराखंड, राजथिान और उत्तर प्रदेश राज्य तिा
अंडमान और तनकोबार द्िीप समूह, हदकली संघ राज्य क्षेत्र अमभप्रेत है; 5 क्षेत्र
‘ख‘ से गुजरात, महाराष्र और पंजाब राज्य तिा चंडीगढ, दमर् और दीि तिा
दादरा और नगर हिेली संघ राज्य क्षेत्र अमभप्रेत हैं;6 क्षेत्र ‘ग‘ से तनहदतष्ट राज्यों
और संघ राज्य क्षेत्रों से मभन्न राज्य तिा संघ राज्य क्षेत्र अमभप्रेत है।”7 इस
िावषतक कायतिम में विमभन्न क्षेत्रों के मलए हहन्दी में पत्राचार के लक्ष्य तनिातररत
होते हैं जैसे िषत 2018-19 के मलए ‘क’ क्षेत्र से ‘क’ ि ‘ख’ क्षेत्र को 100
प्रततशत हहन्दी में पत्राचार तिा ‘क’ क्षेत्र से ‘ग’ क्षेत्र को 65 प्रततशत हहन्दी में
पत्राचार का लक्ष्य तनिातररत ककया गया है। अतः कायातलयों द्िारा यह ध्यान
रखा जाता है कक कायातलय द्िारा भेजे जाने िाले पत्र हहन्दी में ही भेजे जाएं।
‘ग’ क्षेत्र को द्विभाषी पत्र भेजे जा सकते हैं।

