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11.दैतनक जागरर् (समाचार पत्र)                      8  अप्रैल  2017  लेख-हहन्दी  की

               बढती थिीकायतता लेखक - अनंत विजय



               12.मिुमती(मामसक हहन्दी पत्रत्रका)                  ओंकार  श्री  का  लेख  मूल  ऱूप  से

               इस गीत की रचना पंडडत रामेश्िर दयाल दूबे ने


               1950  ई.  में  की।  ‘‘हहन्दी  जनगीतःबीजकिा’’(उदयपुरः  राजथिान  साहहत्य

               अकादमी) पृष्ठ 15



                                      राजभाषा हहन्दी के  प्रनतवेदन की द्ताएं



                                                                                             कं चन बाला


               सारांश  :  के न्रीय  सरकारी  कायातलयों  द्िारा  राजभाषा  अनुपालन  का  प्रततिेदन

               भेजा जाता है। यह प्रततिेदन नगर थतर पर, मुख्यालय थतर पर तिा क्षेत्रीय

               थतर  पर  हदया  जाता  है।  इन  प्रततिेदनों  के   विमभन्न  प्राऱूप  होते  हैं  स्जनमें

               अपेक्षक्षत जानकाररयां जुटाने हेतु हमें क ु छ विवषष्ट प्रयास करने होते हैं। प्रथतुत

               लेख  में  इन  प्रततिेदनों  में  अपेक्षक्षत  प्रमुख  जानकाररयों  के   बारे  में  एिं  उससे

               संबंधित जानकारी जुटाने के  सरल उपायों के  बारे में चचात की गई है स्जससे

               सरलतापूितक सही जानकारी प्राप्त कर इन प्रततिेदनों को तैयार ककया जा सके ।



               मुख्य  शब्द  :  राजभाषा  अनुपालन,  के न्रीय  कायातलय,  अनुपालन  प्रततिेदन,

               सममततयां


               प्रथतािना :



               “14 मसतंबर 1949 को संवििान सभा में देिनागरी मलवप में मलखी जाने िाली

               हहंदी  को  भारत  संघ  की  राजभाषा  के   ऱूप  में  थिीकार  कर  मलया  गया  और

               संवििान के  लागू होने की तारीख अिातत 26 जनिरी 1950 से हहंदी इस देश

               की राजभाषा बन गई।“1 देश में राजभाषा हहन्दी के  प्रयोग को बढाने के  मलए

               के न्रीय सरकार के  कायातलयों में राजभाषा हहन्दी में कायत करने पर बल हदया

               गया।  अंग्रेजी  में  उपलब्ि  सरकारी  कामकाज  के   दथतािेजों  के   हहन्दीकरर्  का

               कायत प्रारम्भ ककया गया। राजभाषा हहन्दी के  कायत को बढाने के  मलए हहन्दी के

               विमभन्न पदों के  सृजन ककया गया। कायातलयों में राजभाषा हहन्दी के  अनुपालन
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