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क ें द्रीय ह िंदी प्रशिक्षण सिंस्थान


                       राजभाषा विभाग के  अंतगगतकें द्रीय ह ंदी प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना 31 अगस्त,

               1985 को नीचे शिखे उद्देश्यों की पूर्तग के  शिए की गयी थी :-


               (1)     कें द्र सरकार के  मंत्राियों कायागियों, उपक्रमों,र्नगमों तथा बैंकों आहद में नए भती  ोने
               िािे  अधिकाररयों/कमगचाररयों  के   शिए  ह ंदी  भाषा  का  तथा  अंग्रेजी  टंकण  और  अंग्रेजी

               आिुशिवप जानने िािे कमगचाररयों के  शिए ह ंदी टंकण और ह ंदी आिुशिवप के  पूणगकाशिक
               ग न प्रशिक्षण की व्यिस्था करना।

               (2)     प्रशिक्षण संस्थानो के  प्रशिक्षकों को ह ंदी पढ़ाने की नई तकनीक की जानकारी देने के
               शिए पुनश्चयाग पाठ्यक्रमों का आयोजन करना।

               (3)     संघ सरकार के  उन अधिकाररयों/कमगचाररयों के  शिए जो ह ंदी का ज्ञान तो रखते  ैं,
               कक ं तु ह ंदी में कायग करने में कठनाई म सूस करते  ैं, ऐसे अधिकाररयों/कमगचाररयों के  शिए

               पांच  हदिसीय कायगिािाओं का आयोजन करना।





               कें द्रीय ह िंदी प्रशिक्षण सिंस्थान के  उप सिंस्थान


                       संस्थान  के   कायगकिापों  को  गर्त  देने  और  प्रशिक्षण  क्षमता  के   विस्तार  के   शिए
               संस्थान के  अंतगगत मुंबई, कोिकाता, बेंगिुरू,  ैदराबाद और चेन्नई में 5 उप संस्थान काम

               कर र े  ैं। साथ  ी ह ंदी शिक्षण योजना के  गुिा ाटी, हदल्िी, मुंबई, चेन्नई और कोिकाता

               में पााँच क्षेत्रीय कायागिय भी  ैं। देि भर में ह ंदी शिक्षण योजना के  अंतगगत ह ंदी भाषा ि
               ह ंदी  टंकण  /आिुशिवप  का  प्रशिक्षण  देने  के   शिए  390  पूणगकाशिकि  04  अंिकाशिक

               प्रशिक्षणकें द्र चि र े  ैं।


               कें द्रीय ह िंदी प्रशिक्षण सिंस्थान से सिंबिंधित अन्य सूचनाएिं http://chti.rajbhasha.gov.in पर
               उपलब्ि  ैं ।
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